• September 18, 2022

2022 में इस दिन मनाई जायेगी धनतेरस, जानिए इसका शुभ मुहर्त और पूजन- विधि

2022 में इस दिन मनाई जायेगी धनतेरस, जानिए इसका शुभ मुहर्त और पूजन- विधि

इंटरनेट डेस्क। हिंदू धर्म दिवाली पांच दिन का त्यौहार होता है जिसका आरम्भ धनतरेस से होता है ,इस दिन भगवान धन्वंतरि जो की समुन्द्र मंथन से प्रकट हुए थे. इसीलिए इसे धन्वंतरि जयंती या धन त्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है. . धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि और धन के देवता कुबेर की पूजा का विधान है. इस दिन सोने – चांदी के आभूषण , बर्तन , आदि खरीदना शुभ माना जाता है। पंचाग के अनुसार धनतेरस कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन मनाया जाता है। 2022 में धनतेरस का पर्व कब मनाया जायेगा और क्या है इसका शुभ मुहर्त और पूजन विधि तो आइये जानते है

धनतेरस 2022 तिथि :-
पंचाग के अनुसार धनतेरस का त्योहार साल 2022 में 23 अक्टूबर, रविवार के दिन पड़ रहा है. दिवाली से एक दिन पहले ही धनतेरस पर्व मनाया जाता है. इस दिन घर में पूजा कर उनके आगमन की प्रार्थना की जाती है. शास्त्रों में इस दिन खरीददारी का विशेष महत्व है.

शुभ मुहूर्त-
पंचाग के अनुसार धनतेरस का शुभ मुहूर्त 23 अक्टूबर की शाम 05:44 से शुरू होकर 06:05:50 तक होगा.
कुल अवधि : 21 मिनट
प्रदोष काल- शाम को 05 :44 मिनट से 08:16 मिनट तक.
वृषभ काल- 06:58 मिनट से 08:54 मिनट तक।

धनतेरस पूजा विधि :- धनतेरस के रोज का काम निपटाकर मुहर्त अनुसार धनतेरस पूजा की तैयारी शुरू करें। इस दिन विशेष तोर पर माँ धनलक्ष्मी , कुबेर भगवान और , भगवांन धन्वंतरि की पूजा की जाती है। पहले तेरह दीपक जला कर तिजोरी में कुबेर का पूजन करना चाहिए। देव कुबेर का ध्यान करते हुए उन्हें फूल चढाएं। भगवान धनवंतर‍ि की षोडशोपचार ( सौलह वस्तुए अर्पित करते हुए ) धूप, दीप, हल्दी, कुमकुम, चंदन, अक्षत और फूल चढ़ाकर धनतेरस की कथा सुने इसके बाद मंत्रोच्‍चार करते हुए प्रणाम करें।

धनतेरस पर यम पूजा :-
धनतेरस के दिन यमदेव की पूजा बहुत अहम् होती है यम पूजा से हमें अकालमृत्यु का भय दूर होता हैं। यम पूजा रात की जाती है। यह पूजा बहुत ही आसान है इसके लिए आटे का दीपक बनाकर घर के मुख्य द्वार के दाईं ओर रख दिया जाता है। इसके लिए दीपक में तेल डालकर नई रूई की बत्ती बनाकर, चार बत्तियां जलाते हैं । दीपक की बत्ती दक्षिण दिशा की ओर होनी चाहिए । दीपक जलाने से पहले उसकी जल, रोली, फूल, चावल, गुड़, नैवेद्य आदि से पूजा करनी चाहिए। धनतेरस का दीपक मृत्यु के देवता देव यमराज के निमित्त जलाया जाता है,. ताकि घर में अकाल मृत्यु का दोष खत्म हो सके।

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