Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार किचन से जुड़े इन नियमों का रखें ध्यान, मां अन्नपूर्णा की कृपा के साथ बनी रहेगी सेहत !

Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार किचन से जुड़े इन नियमों का रखें ध्यान, मां अन्नपूर्णा की कृपा के साथ बनी रहेगी सेहत !

वास्तु शास्त्र का मानव जीवन में बहुत महत्व होता है क्योंकि वास्तु शास्त्र में मानव के द्वारा किए जाने वाले हर काम को लेकर कई नियम बताए गए हैं यदि आप इन नियमों का पालन करते हैं तो आपके जीवन में सुख समृद्धि बनी रहती है। और अगर आप इन नियमों का उल्लंघन करते हैं या इनको नजरअंदाज करते हैं तो आपको अपने जीवन में कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। वास्तु शास्त्र में किचन को लेकर भी कई नियम बताए गए हैं किचन में रखी हर चीज के लिए एक निश्चित दिशा के बारे में भी बताया गया है। यदि किचन की चीजें अपने निश्चित दिशा पर एक तरह से नहीं रखे होती है तो आपके घर में कई तरह की समस्याएं उत्पन्न होने लगती है आइए इस लेख के माध्यम से जानते हैं वास्तु शास्त्र के अनुसार किचन में रखी चीजों को किस जगह पर रखना शुभ माना जाता है। आइए जानते है –

* वास्तु शास्त्र के अनुसार बताया गया है कि यदि आपके घर के किचन में गैस चूल्हा उत्तर उत्तर पश्चिम दिशा में रखा होता है तो आपके घर में मेहमानों का आना जाना लगा रहता है और घर की महिला का अधिकांश समय खाना बनाने में ही व्यतीत हो जाता है और इसी की वजह से पति पत्नी के रिश्ते में हटा भी आने लगती है अगर आप चोले की दिशा नहीं बदल सकते हैं तो फिर क्यों लेके नीचे आप नीले रंग का पत्थर रखे भी इस वास्तु दोष को दूर कर सकते हैं।

* वास्तु शास्त्र के अनुसार जल की उत्तम दिशा उत्तर, उत्तर पूर्व को बताया गया है। इस दिशा में कभी भी अग्नि यानी गैस चूल्हा नहीं रखना चाहिए क्योंकि इस दिशा में पानी और अग्नि को एक साथ रखने से पानी और अग्नि का संतुलन बिगड़ सकता है और परिवार के सभी सदस्यों के बीच कई तरह की सेहत से जुड़ी परेशानी हो सकती है और आपका इम्यून सिस्टम भी कमजोर हो सकता है।

* वास्तु शास्त्र के अनुसार बताया गया है कि यदि किचन में गैस चुला पूर्व उत्तर पूर्व में होता है तो परिवार के सदस्यों का मन हमेशा दुखी रहता है और इस वास्तु दोष को ठीक करने के लिए जल की दिशा में अग्नि को लाए। वास्तु शास्त्र के अनुसार बताया गया है कि जैसलमेर के पीले रंग के पत्थर आपके लिए मददगार साबित हो सकते हैं आप अपने किचन में पीले रंग का पेंट भी करवा सकते हैं।

* वास्तु शास्त्र के अनुसार पूर्व और दक्षिण पूर्व दिशा में गैस चुला रखने से परिवार के लोगों की सामाजिक छवि पर बुरा प्रभाव पड़ता है और मन में हमेशा तनाव बना रहता है इस दोष से छुटकारा पाने के लिए हरे रंग का इस्तेमाल किया जा सकता है।

* वास्तु शास्त्र के अनुसार ईशान कोण और नैऋत्य कोण तथा ब्रह्मस्थान पर भी कभी भी किचन और चूल्हा नहीं होना चाहिए क्योंकि इस दिशा में झूला होने से परिवार के लोगों की सुख समृद्धि और सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

 280 total views,  2 views today

Spread the love