• December 16, 2022

फांसी से पहले कैदी से क्यों पूछी जाती है उसकी आखिरी इच्छा? जेल मैनुअल में आखिरी इच्छा का क्या है प्रावधान

फांसी से पहले कैदी से  क्यों पूछी जाती है उसकी आखिरी इच्छा?  जेल मैनुअल में आखिरी इच्छा का क्या है प्रावधान

कहते है मरने वाले की आखिरी इच्छा पूछना जरूरी होता है यदि किसी मरने वाले की आखिरी इच्छा पूरी न हो तो उसकी आत्मा को शांति नहीं मिलती और उसकी आत्मा भटकती रहती है और ऐसा ही हमने टीवी सीरियल्स फिल्मो में भी देखा है।उस व्यक्ति से उसकी आखिरी इच्छा जरूर पूछी जाती है.ऐसा ही असल जिंदगी में भी देख सकते है फांसी से पहले कैदी से उसकी आखिरी इच्छा जरुर पूछी जाती है यदि आखिरी इच्छा सिमित दायरे में होतो पूरी भी की जाती है कितना ही बड़ा मुजरिम हो फांसी से पहले उससे उसकी आखिरी इच्छा पूछी जाती है. लेकिन क्या कभी अपने सोचा है कि आखिरी इच्छा में अपराधी अपनी सजा माफ करने या सजा कम करने की इच्छा क्यों नहीं मांगता? आज हम आपको बताएंगे कैदी अपनी आखिरी इच्छा में सजा माफ़ी क्यों नहीं मांगता और उसकी कौन – कौन सी इच्छा पूरी की जा सकती है साथ ही जेल मैनुअल में फांसी से पहले कैदी की आखिरी इच्छा पूछा जाने जैसा कोई प्रावधान है या नहीं तो आइये जानते है।

जेल मैनुअल में नहीं है आखिरी इच्छा जैसा कोई प्रावधान
जेल मैनुअल में कैदी की आखिरी इच्छा पूरी करने जैसा कोई प्रावधान नहीं है इस पर दिल्ली जेल में लॉ अफसर रह चुके सुनील गुप्ता ने बताया था कि जेल मैनुअल में कैदी की आखिरी इच्छा पूरी करने जैसा प्रावधान इसीलिए नहीं है क्योकि यदि किसी मुजरिम ने आखिरी इच्छा में फांसी की सजा ना दिया जाए , तो ऐसे में उसकी यह बात नहीं मानी जा सकती. इसलिए जेल मैनुअल में आखिरी इच्छा पूरी करने जैसा कोई प्रावधान नहीं है. लेकिन परंपरा के मुताबिक आज भी कैदियों से उनकी आखिरी इच्छा पूछी जाती है. लेकिन ये इच्छा एक सीमित दायरे में ही तय होती है

कैदी की ये आखिरी इच्छाएं होती है पूरी :-

1. अगर एक कैदी अपना कोई मनपसंद खाना खाने की इच्छा जताता है, तो जेल प्रशासन द्वारा उसकी यह इच्छा पूरी कर दी जाती है.
2.यदि कैदी आखिरी इच्छा के रूप में अपने परिवार वालों से मिलने की इच्छा जताता है, तो भी जेल प्रशासन उसे उसके पूरे परिवार से मिलवा देता है.
3.अगर कैदी अपने जीवन के आखिरी समय में अपने धर्म की कोई पवित्र पुस्तक पढ़ने की इच्छा जताता है, तो उसकी इस इच्छा को भी पूरा किया जाता है.
4. कैदी से उसकी कोई जायदाद/ सम्पत्ति किसी के नाम करनी है, तो कर सकते हैं.वसीयत रिकॉर्ड हो जाने के बाद वो शख्स जल्लाद के हवाले कर दिया जाता है.

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