• December 14, 2021

यात्रियों को भीड़-तंग गलियों से आराम गंगा जी से सीधे जुड़ा बाबा धाम, और क्या मिलेंगी सुविधाएं?

यात्रियों को भीड़-तंग गलियों से आराम गंगा जी से सीधे जुड़ा बाबा धाम,  और क्या मिलेंगी सुविधाएं?

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में महत्वाकांक्षी काशी विश्वनाथ गलियारे (Kashi Vishwanath Corridor) को सोमवार (13 दिसंबर, 2021) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों को समर्पित करेंगे। इस परियजोना के तहत बाबा धाम (काशी विश्वनाथ मंदिर) को सीधे गंगा जी से जोड़ दिया गया है। श्रद्धालुओं को अब घाट से मंदिर तक पहुंचने के लिए भीड़ और तंग गलियों का सामना भी नहीं करना होगा। वे आसानी से गंगा स्नान के बाद बाबा धाम जाकर दर्शन लाभ पा सकेंगे।

मंदिर प्रांगण का रास्ता गंगा से जोड़ दिया गया है, इसलिए स्नान के बाद श्रद्धालु ललिता घाट, मणिकर्णिका घाट और जलासेन घाट से सीधे मंदिर पहुंच सकेंगे। गलियारे में तीन यात्री सुविधा केंद्र भी बनाए गए हैं, जहां भक्त अपने सामान को रख पाएंगे। उन्हें इसके अलावा वहां बैठने और आराम करने की सुविधा भी मिलेगी।बाहर से आने वाले भक्तों के लिए आध्यात्मिक पुस्तक केंद्र भी धार्मिक पुस्तकों का नया केंद्र होगा, जबकि वैदिक केंद्र को योग और ध्यान केंद्र के तौर पर विकसित किया गया है।

 

एक दो मंजिल की इमारत सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए भी रहेगी।मंदिर परिसर और उसके आसपास इमरजेंसी चिकित्सा सुविधा से लेकर एंबुलेंस तक का बंदोबस्त रहेगा।मंदिर की मौजूदा संरचना का निर्माण इंदौर की महारानी अहिल्याबाई होलकर ने 1780 के आसपास कराया था। 19वीं शताब्दी में महाराजा रणजीत सिंह ने इसके शिखर पर सोना मढ़वाया था। काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट की वेबसाइट के अनुसार, प्रसिद्ध धार्मिक स्थल को ‘स्वर्ण मंदिर’ के नाम से भी जाना जाता है पांच लाख वर्ग फुट से अधिक क्षेत्रफल में विकसित किए गए श्रीकाशी विश्वनाख धाम में अब जगह की कम नहीं है, जबकि पहले अधिक भीड़ होने की स्थिति में मंदिर परिसर में जगह की कमी लगने लगती थी। ऐसा खासकर पावन अवसरों मसलन शिवरात्रि और सावन आदि में होता था।

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