• April 29, 2022

कोयले की कमी के चलते दिल्ली में हो सकती है बत्ती गुल: जाने ऊर्जा मंत्री ने क्या कहा…

कोयले की कमी के चलते दिल्ली में हो सकती है बत्ती गुल: जाने ऊर्जा मंत्री ने क्या कहा…

नई दिल्ली: दिल्ली समेत देश के तमाम राज्यों में भीषण गर्मी का कहर जारी है. बढ़ती गर्मी के चलते इन दिनों बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ी है. लेकिन इन सबके बीच दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में कोयला संकट की भी खबरें सामने आ रही हैं. कोयले की कमी के चलते दिल्ली समेत 12 राज्यों में बिजली संकट का भी सामना करना पड़ रहा है. इन सबके बीच दिल्ली सरकार ने चेतावनी दी है कि राजधानी में बिजली आपूर्ति करने वाले पावर प्लांट्स में कोयले की कमी है. ऐसे में मेट्रो ट्रेन और अस्पतालों समेत सभी अहम संस्थानों को बिजली आपूर्ति करने में समस्या आ सकती है. . दिल्ली के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendar Jain) ने स्थिति का आकलन करने के लिए गुरूवार को एक आपातकालीन बैठक की और केंद्र को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि वह राष्ट्रीय राजधानी को बिजली की आपूर्ति करने वाले बिजली संयंत्रों को पर्याप्त कोयले की उपलब्धता सुनिश्चित करे.

 

दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने केंद्र सरकार को लिखी चिट्ठी में कहा है, “दो पावर स्टेशन में 1-2 दिन का ही कोयला बचा है. NTPC दादरी-2 और ऊंचाहार पावर स्टेशन में 1-2 दिन का ही कोयला बचा है.” इस बीच, गुरुवार को दिल्ली में पहली बार पीक पावर डिमांड अप्रैल महीने 6,000 MW पहुंची, ये एक रिकॉर्ड है. Discoms का आंकलन है कि इस बार गर्मी में पीक पावर डिमांड अब तक के सबसे ऊंचे शिखर 8200MW तक पहुंच सकती है. एक सरकारी बयान में कहा गया है, ‘‘दादरी-द्वितीय और ऊंचाहार बिजली स्टेशनों से बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण दिल्ली मेट्रो और दिल्ली के सरकारी अस्पतालों सहित कई आवश्यक संस्थानों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति में दिक्कत हो सकती है.

 

सत्येंद्र जैन (Satyendar Jain) ने कहा कि वर्तमान में, दिल्ली में बिजली की 25-30 प्रतिशत मांग इन बिजली स्टेशनों के माध्यम से पूरी की जा रही है और वे कोयले की कमी का सामना कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रही है और यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है कि लोगों को राजधानी के कुछ इलाकों में बिजली की कमी का सामना न करना पड़े.मंत्री ने कहा, ‘‘ये बिजली स्टेशन दिल्ली के कुछ हिस्सों में बिजली कटौती को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और गर्मी के मौसम में दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन (डीएमआरसी), अस्पतालों और लोगों को बिजली की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने लिए भी जरूरी हैं.

 

बयान में कहा गया है कि राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) के दादरी-द्वितीय और झज्जर (अरावली) की स्थापना मुख्य रूप से दिल्ली में बिजली की आवश्यकता को पूरा करने के लिए की गई थी. बयान के अनुसार हालांकि, इन बिजली संयंत्रों में भी कोयले का बहुत कम भंडार बचा है. दादरी-द्वितीय, ऊंचाहार, कहलगांव, फरक्का और झज्जर बिजली संयंत्र दिल्ली को प्रतिदिन 1,751 मेगावाट बिजली की आपूर्ति करते हैं. राजधानी को सबसे अधिक 728 मेगावाट की आपूर्ति दादरी-द्वितीय बिजली स्टेशन से होती है, जबकि 100 मेगावाट ऊंचाहार स्टेशन से प्राप्त होती है.

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