• November 21, 2023

महिला स्वयं सहायता समूह” विषय पर व्याख्यान का हुआ आयोजन

महिला स्वयं सहायता समूह” विषय पर व्याख्यान का हुआ आयोजन

चाकसू। स्थानीय महिला महाविद्यालय में “महिला स्वयं सहायता समूह” विषय पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया। जिसे राजस्थानी महिला “सहकारी सेवा समिति” के सचिव महेश शर्मा ने संबोधित किया।राजस्थान राज्य महिला नीति की प्रभारी डॉ.मंजू लता शर्मा ने बताया प्राचार्य डॉ. ए एल कुलहरी में छात्राओं को स्वभावलंबी बनने की बात कही। छात्राओं को संबोधित करते हुए एनजीओ के सचिव श्री महेश शर्मा ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह में महिलाएं को शामिल किया जाता है। इसमें सभी सदस्यों द्वारा मासिक आधार पर एक बराबर राशि तय की जाती है, जिसे पदाधिकारियों के पास जमा करा कर रजिस्टर में दर्ज किया जाता है।

उसके बाद उस बचत को अपने नजदीकी बैंक में जमा करते है, जिस बैंक में उन्होंने समूह के नाम से बचत खाता खुलवाया है।स्वयं सहायता समूह महिलाओं का अनौपचारिक समूह हैं जो अपनी सामान्य समस्याओं के समाधान के लिए एक साथ आते हैं । स्व सहायता समूह, ग्रामीण निर्धन महिलाओं द्वारा स्वेच्छा से गठित एक समूह है जिसमें समूह के सदस्य अपने आप से जितनी भी बचत आसानी से कर सकते हैं, उसका अंशदान उत्पादक, उपभोग अथवा आपातकालीन आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु ऋण के रूप में देने के लिए परस्पर सहायक होते है। सचिव महेश शर्मा ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को समूह में छोटी-छोटी बचत करने तथा अपनी छोटी-मोटी जरूरतों की पूर्ति हेतु समूह में ही न्यूनतम दर पर लेन-देन हेतु सक्षम बनाने में सहयोग प्रदान करना है एवं महिलाओं का सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण करना है।

महिला स्वयं सहायता समूह के ग्रुप में 10 सदस्य न्यूनतम होने चाहिए और अधिक से अधिक 20 सदस्य होने चाहिए। 15 सदस्य वाले समूह को आदर्श समुह कहा जाता है। आपने बताया नाबार्ड महिला स्वयं सहायता समूह के प्रोत्साहन में एक प्रमुख भूमिका निभा रहा है। अनुश्रवण,दिशानिर्देश के साथ-साथ यह स्वयं सहायता समूह को सफल रूप देने के लिए कार्यक्रम भी आयोजित करवाता है। कार्यक्रम में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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