• July 14, 2022

भारत को 2047 तक मुस्लिम राष्ट्र घोषित करने की थी तैयारी! युवाओं को दी जाती थी हथियार चलाने की ट्रेनिंग

भारत को 2047 तक मुस्लिम राष्ट्र घोषित करने की थी तैयारी! युवाओं को दी जाती थी हथियार चलाने की ट्रेनिंग

नई दिल्ली। बिहार की राजधानी पटना में पुलिस ने देश विरोधी गतिविधियों का खुलासा किया है। फुलवारीशरीफ में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) की आड़ में आतंक की फैक्ट्री चल रही थी। यहां लोगों को हथियार चलाने और धार्मिक उन्माद फैलाने की ट्रेनिंग दी जा रही था। खुफिया एजेंसियों के इनपुट के आधार पर पटना पुलिस ने फुलवारीशरीफ स्थित नया टोला में पीएफआई के कार्यालय में छापेमारी की। मौके से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार बता दे की दोनों आतंकी देश विरोधी गतिविधियों में शामिल थे और एक समुदाय विशेष के लोगों को आतंकी प्रशिक्षण देने का काम कर रहे थे. उनके कब्जे से कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं.

 

बता दे की जिनसे पता चलता है कि दोनों आतंकी वर्ष 2047 तक भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने और मुगलों का राज फिर से स्थापित करने की दिशा में काम कर रहे थे.पटना के एएसपी मनीष कुमार (ASP Manish Kumar) ने प्रेसवार्ता में बताया कि पकड़े गए आतंकियों के नाम मोहम्मद जलालुद्दीन (Mohammad Jalaluddin) और अतहर परवेज (Athar Parvez) हैं. मोहम्मद जलालुद्दीन (Mohammad Jalaluddin) झारखंड पुलिस का रिटायर्ड ऑफिसर है. वहीं अतहर परवेज (Athar Parvez) पहले देशविरोधी गतिविधियों की वजह से कई साल पहले प्रतिबंधित हो चुके आतंकी संगठन सिमी (SIMI) का सदस्य था.

बता दे की इस संगठन पर बैन लगने के बाद वह पीएफआई से जुड़ गया और इन दिनों उसके राजनीतिक विंग SDPI के लिए काम कर रहा था. एएसपी (ASP Manish Kumar) ने बताया कि सिमी पर बैन के बाद वर्ष 2002 में बम ब्लास्ट हुए थे. इस मामले में अतहर परवेज का छोटा भाई अरेस्ट किया गया था, जो कई महीने जेल में रहकर आया था. वे दोनों एक खास समुदाय के लोगों के लिए आतंकी ट्रेनिंग कैंप चला रहे थे. दोनों आतंकियों को इस काम के लिए हवाला के जरिए पाकिस्तान और बांग्लादेश से फंडिंग मिल रही

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