• December 9, 2021

वायु प्रदूषण आंखों को क्या नुकसान पहुंचता है और किस तरह से रखें आंखों को सुरक्षित

वायु प्रदूषण आंखों को क्या नुकसान पहुंचता है और किस तरह से रखें आंखों को सुरक्षित

लाइफस्टाइल। वर्तमान समय में रोड पे वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और बड़ी बड़ी फैक्ट्रियां स्थापित किनका रही है इनसे निकलने वाले जहरीले धुएं से वातावरण की शुद्ध हवा भी बहुत हानिकारक हो गई है वातावरण की ये हवा हमारे शरीर में स्वांस से संबंधित बीमारियां तो उत्पन्न करती है ही साथ में हमारी त्वचा और आंखों को भी बहुत नुकसान पहुचाती है प्रदूषण के स्तर में वृद्धि अलग-अलग कारकों का परिणाम है – पराली जलाने और वाहनों से होने वाले प्रदूषण से लेकर दिवाली के दौरान पटाखे फोड़ने और यहां तक कि जलवायु परिवर्तन भी शामिल है। यूके के एक बायोबैंक स्टडी के अनुसार, वायु प्रदूषण दृष्टिदोष के बढ़ने के जोखिम और अपरिवर्तनीय दृष्टि हानि से जुड़ा है, जिसे उम्र से संबंधित मैक्यूलर डिजनरेशन (एएमडी) के रूप में जाना जाता है

वायु प्रदूषण से आंखो को होने वाले नुकसान
लंबे समय तक प्रदूषित हवा के संपर्क में रहने से आँखों की सेहत और रोशनी पर गंभीर एक्यूआई का हानिकारक प्रभाव पड़ता है, इससे आँखों में दर्द, धुंधली दृष्टि, पानी, जलन, ड्राई आई सिंड्रोम और यहाँ तक कि ग्लूकोमा भी होता है। नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड-दो सामान्य वायु प्रदूषकों के संपर्क में आने वाले लोगों में एएमडी विकसित होने का जोखिम काफी ज्यादा होता है।आँख के मैक्यूला में मौजूद छोटी कोशिकाएं पार्टिकुलेट मैटर के लिये बेहद संवेदनशील होती हैं।2 पार्टिकुलेट मैटर के उच्च घनत्व के साथ प्रदूषित हवा में आँखों के लंबे समय तक संपर्क में रहने से प्रौढ़ और वृद्ध लोगों में एएमडी की समस्या बढ़ जाती है।

नेत्र रोगों का उपचार और प्रबंधन
• प्रीवेंटिव आई केयर, सुरक्षा की पहली पंक्ति है क्योंकि कई नेत्र रोग के कोई लक्षण या संकेत नजर नहीं आते हैं। आँखों की रोशनी कम होने से रोकने के लिये शुरूआती पहचान महत्वपूर्ण है और इसके लक्षणों को पहचानना और नियमित जाँच से गुजरना अहम हो सकता है।

* बीमारियों और लक्षणों के बारे में जागरूकता समय पर चिकित्सा सहायता पाने में मदद कर सकती है। एक बार आँख की किसी बीमारी का निदान हो जाने के बाद, नियमित रूप से एक नेत्र रोग विशेषज्ञ से फॉलो-अप लेना महत्वपूर्ण है
* निर्धारित उपचारों का सख्ती से पालन करने और परामर्श के अनुसार जीवनशैली में बदलाव करने से लोगों को अपनी आँखों की बीमारियों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी, ताकि उन्हें बेहतर परिणामों का लाभ मिल सके!

सुरक्षित रखें अपनी आंखों की रोशनी
भले ही प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने के लिये बहुत नहीं किया जा सकता है, ऐसे में आँखों की बीमारियों को दूर रखने के लिए अपनी आंखों की रक्षा करना और अच्छी रेटिनल हाइजीन बनाये रखना महत्वपूर्ण है।
1 बाहर जाते समय धूप का चश्मा पहनें।
2 बार-बार हाथ धोएं और कोशिश करें कि आंखें न मलें।
3 हाइड्रेटेड रहें क्योंकि यह आंसू बनने में मदद करता है।
4आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिये आई ड्रॉप का इस्तेमाल करें।
5 ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर स्वस्थ डाइट लें।
6कॉन्टैक्ट लेंस का उपयोग करने से बचें और यदि आवश्यक हो, तो डिस्पोजेबल लेंस का विकल्प चुनें।

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